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केवा बाबाजी हांची, म्हारो सांवरियो कद आसी..,
भक्ति बिना स्वार्थ की होनी चाहिए- जया किशोरी
लखनऊ वासियों ने भरा मायरा
लखनऊ । श्री श्याम परिवार लखनऊ के तत्वावधान में बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री खाटू श्याम मन्दिर में चल रहे ‘‘नानीबाई रो मायरो’’ कथा के समापन पर शुक्रवार को लखनऊ वासियों ने द्वारिकाधीश भगवान राधा-रुक्मणी के साथ मायरा भरा और सम्पूर्ण नगर के लोग मायरेदार बनकर ठाकुरजी के साथ मायरा भरने के साथ साथ उत्सव मनाया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि साक्षात द्वारिकाधीश भगवान राधा-रुक्मणी के साथ मायरा भरने आये हो। भक्ति भाव से भरे उत्सव को देख लोग धन्य हो गये। उत्सव में भाग लेने के लिये श्याम प्रेमी महिलाये हाथों में मेंहदी लगाकर और लाल वस्त्र और राजस्थानी चुनरी ओढ़कर मायरा भरने आई थी। उत्सव में अधिकांश महिलायें राजस्थानी वेशभूषा में आयी थी। पूरा मन्दिर प्रांगण राजस्थानी रंग में नजर आ रहा था। मायरा भरने में प्रमुख प्रतिमा अग्रवाल, सुधा गर्ग, अल्का अग्रवाल, दीपा डालमिया, ममता चतुर्वेदी, सोनी अग्रवाल, जया अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, ऊषा अग्रवाल, आंचल अग्रवाल, प्रीती अग्रवाल, पारुल अग्रवाल आदि थे।
नानी बाई का मायरा लेकर श्री कृष्ण जब अंजार नगर जा रहे थे तो राधा और रुक्मिणी द्वारा गाए भजन ‘केवा बाबाजी हांची, म्हारो सांवरियो कद आसी.., पर लोग झूम उठे। श्री कृष्ण राधा और रुक्मिणी के साथ जब मायरा लेकर कथा पांडाल पहुंचे तो हर्षोल्लास की लहर दौड़ गई। उसके बाद झुनझुन वाली दादी का चुनरी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। जिसमें जया किशोर द्वारा गाये गये भजन पर नाचते गाते भक्तों ने चुनरी उत्सव मनाया। भक्त नरसी मेहता और नानी बाई का मायरा कथा सुनाते हुये प्रसिद्ध बाल व्यास राधा स्वरुपा जया ‘‘किशोरी जी’’ ने कहा कि कथा के श्रवण से कान तो पवित्र होते ही हैं, उसका आचरण करने से शरीर और आत्मा भी पवित्र हो जाते हैं। भक्तों की करुण पुकार सुनकर भगवान का प्राकट्य होता है। जया किशोरी जी ने कहा कि भगवान को पाने के लिए निष्काम भक्ति जरूरी है। आज लोग प्रभु को अपना काम होने तक याद करते हैं। काम पूरा होते ही भूल जाते हैं, भक्ति बिना स्वार्थ की होनी चाहिए।
56 करोड़ का भरा गया मायरा
प्राचीन परम्परा के अनुसार श्याम पे्रमी भक्तों की ओर से 56 करोड का मायरा भरा गया। सेठानी बनी लक्ष्मी माता और राधा-रुक्मणी को संग लेकर मोर-मुकुट बंसी धरे भगवान 16 हजार रानियों के साथ नानी बाई के ससुराल अंजान नगरी में 56 करोड़ का मायरो भरने पधारे। ये वो पल था जिसका नगरवासी पिछले तीन दिनों से बेसब्री से इंतजार था। इसमें श्याम परिवार के साथ बड़ी संख्या में नगर वासियो ने मायरा भरने के लिये मन्दिर पहुंचे। मायरा भरने वालों में मुख्य यजमान श्रीमती सरोज एवं श्री विमल अग्रवाल, श्रीमती सोनी एवं श्री मयंक अग्रवाल, श्री श्याम परिवार लखनऊ के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, मुख्य संरक्षक राधेमोहन अग्रवाल, महामंत्री सुधीर कुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष रूपेश अग्रवाल, रमेश कपूर बाबा, महाबीर प्रसाद अग्रवाल, आशीष अग्रवाल ‘खन्नू’, अंकूर अग्रवाल आदि परिवार के साथ मायरा भरा।
मुख्य द्वार से मंच की ओर बढ़े तो ठंडी पुरवाइयां चली मानो हवाओं के माध्यम से श्रीरणछोड़ के आगमन का संदेश हो रहा है। भगवान का एक हाथ नानी बाई के सिर पर तो दूसरा धरती मां के हाथ में था। उत्सवी माहौल के साथ भगवान ने नानी बाई के मायरा भरने की रस्म अदा की गई। पूरी कथा में जया किशोरी के शब्दों पर पुरा पांडाल कभी कथा के मर्म को समझकर भावुक हुआ तो कभी हर्षित। सांवल भईया आयो…, नंद लाला रे म्हारा गोपाला, बंसी जोर की बजाई रे…, जैसे भजनों की मोहक तान पर श्रोता जमकर थिरके। मंच के एक ओर हर बार प्रसंग के अनुसार मोहक झांकियां लोगों को खूब भायी।
श्री श्याम परिवार के मीडिया प्रभारी सुधीश गर्ग ने बताया कि एक जनवरी को नये वर्ष की शुरुआत भजनों से होगी। प्रातः नौ बजे से एक बजे तक और शाम को सात बजे से प्रभु इच्छा तक भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा। भजन सुनाने के लिए दूर दूर प्रसिद्व भजन गायक श्याम बाबा का गुणगान करेंगे।
कार्यक्रम में श्री विजय अग्रवाल, श्रीकिशन अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, गणेश प्रसाद अग्रवाल, प्रशांत डालमिया, अरविन्द अग्रवाल, सत्य नारायण अग्रवाल आदि लोग थे।
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